शिया कालेज द्वारा “अल्पसंख्यकों के अधिकार और भारतीय संविधान” विषय पर वेबीनार।

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लखनऊ  13 मई, कल दिनांक दिन, मंगलवार सुबह 11:30 बजे पर शिया कॉलेज ऑफ लॉ, लखनऊ कि जानिब से एक विशाल और भव्य नेशनल वेबीनार का आयोजन ऑनलाइन ज़ूम ऐप के माध्यम से “अल्पसंख्यको के अधिकार और भारतीय संविधान: क्या अल्पसंख्यक समुदाय के साथ अनुचित व्यवहार किया गया ?”
विषय पर किया गया।
इस नेशनल वेबीनार का उदघाटन उत्तर प्रदेश कानून मंत्री माननीय श्री बिर्जेश पाठक ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकार सुरक्षित है, क्युकी भारतीय संविधान उन्हें यह अधिकार देता है। हमारी सरकार अल्पसंख्यक सस्थानो को पूरी स्वतंत्रता दे रही हैं। हम अल्पसंख्यक और बहुसंखयक में भेद भाव नहीं करते क्योंकि हमारा नारा है सबका साथ सबका विकास।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के तौर पर प्रोफेसर फैजान मुस्तफा (वाइस चांसलर नलसार विश्वविदयालय हैदराबाद) जस्टिस इक़बाल अहमद अंसारी (पूर्व चीफ जस्टिस पटना हाई कोर्ट वा चेयरमैन, मानव अधिकार आयोग पंजाब) श्रीमती फ़िरदौस क़ुतुब वानी (एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड, सुप्रीम कॉर्ट, न्यू दिल्ली) शख्सियत शामिल हुई।
प्रोफेसर फैजान मुस्तफा ने इस बात पर जोर दिया कि अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को जो अधिकार दिए गए हैं उन्हें ना छीना जा सकता है ना ही इस तरह बदला जा सकता है कि उन अधिकारों का स्वरूप ही बदल जाए। अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के आंतरिक मामलों में सरकार दखल नहीं दे सकती। कयुकी अल्पसंख्यकों के ये अधिकार एब्सोल्यूट (पूर्ण) है। इन्होंने उच्चतम न्यायालय वा उच्च न्यायालय के कई निर्णयों को बताया जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के हित में दिए गए है।
जस्टिस इक़बाल अहमद अंसारी ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को एड देने में किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती। एडवोकेट श्रीमती फ़िरदौस क़ुतुब वानी ने कहा कि अल्पसंख्यक वो है जो भाषा, धर्म, संस्कृति के आधार पर उनकी जनसंख्या 50 प्रतिशत से कम है किसी भी राज्य में। हिन्दू भी अल्पसंख्यक का दर्जा रखते हैं।
इन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की आंतरिक स्वतंत्रता को खत्म नहीं किया जा सकता है। ऐसा करना गैर संवैधानिक होगा।
इस नेशनल वेबीनार की अध्यक्षता प्रोफेसर् अजीज़ हैदर (प्रेसीडेंट, बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज) द्वारा की गई।
वेलकम एड्रेस मौलाना डॉक्टर यासूब अब्बास (सेक्रेटरी, मजलिस ए उलेमा)द्वारा किया गया। कृतज्ञता निवेदन माननीय मैनेजर शिया पीजी कॉलेज एस मुर्तजा शम्सी द्वारा किया गया। वोट ऑफ थैंक्स डॉक्टर एम एम अबु तय्यब (डायरेक्टर, सेल्फ फाइनेंस एंड एडमिशन कमेटी)द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ एस एम हसनैन (प्रिंसिपल शिया कॉलेज ऑफ लॉ) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव रहे
डॉक्टर एम एम अबु तय्यब
सह आयोजन सचिव थे
डॉक्टर एजाज़ हुसैन (असिस्टेंट प्रोफेसर शिया कॉलेज ऑफ लॉ)
डॉक्टर एस नुजहत हुसैन (असिस्टेंट प्रोफेसर शिया कॉलेज ऑफ लॉ)
डॉक्टर वहीद आलम (असिस्टेंट प्रोफेसर शिया कॉलेज ऑफ लॉ)
कार्यक्रम का ऑनलाइन तकनीकी संचालन डॉक्टर वहीद आलम ने किया।
इस नेशनल वेबीनार में शिया कॉलेज ऑफ लॉ वा शिया पीजी कॉलेज के सभी सम्मानित शिक्षक गण उपस्थित रहे।पूरे देश से शिक्षक, प्रोफेसनल्स, रिसर्च स्कॉलर, विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

सादर
डॉक्टर एस एम हसनैन
प्रिंसिपल शिया कॉलेज ऑफ लॉ।

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