Home राष्ट्रीय लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस और स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस और स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

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लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस और स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन
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लखनऊ, 11 मई 2025: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का लोकार्पण और स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उपस्थित रहकर सहभागिता की। यह आयोजन उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड के तहत हुआ, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करता है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी:
यह सुविधा दुनिया की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ के एकीकरण और परीक्षण के लिए स्थापित की गई है। 300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह यूनिट, मिसाइलों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रदर्शन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सुविधा भारत-रूस के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस एयरोस्पेस के तहत संचालित होगी, जिसमें भारत की 50.5% और रूस की 49.5% हिस्सेदारी है। इस परियोजना के लिए योगी सरकार ने दिसंबर 2021 में 80 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई थी, और मात्र साढ़े तीन वर्षों में इसे पूर्ण कर लिया गया।
स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स:
इस अवसर पर टाइटेनियम एंड सुपर एलॉय मैटेरियल्स प्लांट, जिसे स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स के नाम से जाना जाता है, का भी उद्घाटन किया गया। यह अत्याधुनिक संयंत्र एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों का उत्पादन करेगा, जिनका उपयोग चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष मिशनों और आधुनिक लड़ाकू विमानों में होगा। एयरोलॉय टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा स्थापित इस प्लांट में प्रथम चरण में 320 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
आर्थिक और सामरिक महत्व:
यह परियोजना उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्रह्मोस यूनिट से लगभग 500 इंजीनियरों और तकनीशियनों को प्रत्यक्ष रोजगार और हजारों कुशल-अकुशल श्रमिकों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, डिफेंस टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर सिस्टम (DTIS) का शिलान्यास भी किया गया, जो रक्षा उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन में सहायता प्रदान करेगा, जिससे रक्षा निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी।
नेताओं के बयान:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सुविधा भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी और वैश्विक मंच पर हमारी सामरिक ताकत को बढ़ाएगी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा बताते हुए कहा, “यह यूनिट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर है।”
संदर्भ:
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यह उद्घाटन भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच रक्षा क्षेत्र में भारत की तैयारियों को और मजबूत करने का संदेश देता है, साथ ही उत्तर प्रदेश को वैश्विक रक्षा उत्पादन के मानचित्र पर स्थापित करता है।

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