लखनऊ 2 जनवरी 2020 उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में पिछले 20 दिसंबर को हुई हिंसा में घायल हुए मौलाना असद रजा , मुफ्ती जुल्फेकार कुरैशी और आसपास के लोगों से आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना डॉ यासूब अब्बास ने मुलाकात की थी और परिवार को सांत्वना दी थी। मौलाना यासूब अब्बास ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस ने बर्बरता पूर्ण कार्य किया है।
आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना डॉ यासूब अब्बास ने बताया कि यहां बहुत ज्यादा जुल्म हुआ है। बुजुर्ग एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मौलाना असद रज़ा हुसैनी साहब के साथ बहुत बुरा सलूक किया गया जिससे उनका हाथ भी टूट गया और जिस्म पर जगह जगह ज़ख्मों के निशान मौजूद हैं। उन्हें बहुत चोटें आई हैं। उन्हें पुलिस द्वारा बुरी तरह से मारा गया। इसके अलावा 17 छात्रों पर ज़ुल्म करके जेल में डाल दिया है। जिनमें बहुत छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जिनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुजफ्फरनगर एसएसपी से बात करके बच्चों को छोड़ने और न्यायिक जांच की मांग की है। एसएसपी ने जांच की जिम्मेदारी एसपी ट्रैफिक को दी है और तुरंत रिपोर्ट देने को कहा है।