मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज “समाधान ऑनलाइन” कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों की लंबित समस्याओं के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की और कई मामलों का समाधान सुनिश्चित कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का शीघ्र, प्रभावी और संतोषजनक निराकरण प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की शिकायतों की समीक्षा की गई, जिनमें ¹ ²:
– *असंगठित शहरी व ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल संबल योजना*: इस योजना के तहत गरीब और असंगठित वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए समीक्षा की गई।
– *अपराधों की विवेचना में विलंब और लापरवाही*: पुलिस विभाग की समीक्षा की गई, खासकर अपराधों की विवेचना में होने वाली देरी पर।
– *भूमि सीमांकन और राजस्व विभाग के मामले*: राजस्व विभाग के उन मामलों की समीक्षा की गई जिनमें भूमि सीमांकन से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं।
– *प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना*: इस योजना के तहत कारीगरों और श्रमिकों को कौशल विकास प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
– *प्रसूति सहायता योजना*: मेडिकल कॉलेजों में प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत महिलाओं को न्यूनतम राशि न मिलने की समस्याओं पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निराकरण में कोई भी अधिकारी देरी करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अधिकारियों को जिम्मेदार और जवाबदेह बनाने के लिए उठाया जा रहा है ² ³.





