बसंत पंचमी का त्योहार उत्तर भारत में बड़ी हर्षोल्लास से मनाया जाता है. माना जाता है की इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा होती है. सरस्वती को ज्ञान, कला और संगीत की देवी माना जाता है. हिंदुओं की इस त्योहार में गहरी आस्था है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है.
किसानों के लिए भी इस त्योहार का ख़ास महत्व है, क्योंकि बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं. चना, जौ, ज्वार और गेहूं की बालियां खिलने लगती हैं. इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है. यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं, लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है. इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़-पौधों में नए फल-फूल पल्लवित होने लगते हैं.