जन आंदोलनों के अग्रणी नाम और पूर्व आईजी एसआर दारापुरी की पत्नी कांता देवी का आज दोपहर 12 बजे भैंसा कुंड, लखनऊ स्थित विद्धुत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार हो गया। वह 74 साल की थीं।
इसे बताने की ज़रूरत है कि परिपाटी को तोड़ते हुए कांता देवी की बेटी और बहन ने भी उनकी अर्थी को कांधा दिया।
कांता देवी के अंतिम संस्कार में शहर के महत्वपूर्ण नाम शामिल थे- पूर्व मेयर और लेखक दाउजी गुप्ता, रिहाई मंच अध्यक्ष एडवोकेट शुऐब मोहम्मद, किसान नेता शिवाजी राय, व्यंग्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव ध्यानी, वरिष्ठ मीडिया एक्टिविस्ट अरूण खोटे, दलित कार्यकर्ता रामकुमार, एआईपीएफ के वरिष्ठ नेता दिनकर कपूर आदि।
कहना होगा कि दारापुरी जी की तमाम सक्रियताओं के पीछे उनकी पत्नी का भरपूर समर्थन और समर्पण हासिल था। वह लंबे समय से बीमार थीं और इसी आलम में उन्होंने नागरिकता के आंदोलन के चलते पति और परिवार के ख़िलाफ़ हुए सरकारी दमन को भी बहादुरी के साथ झेला।