जनता कर्फ्यू- जनता की देशभक्ति और ईश्वर की शक्ति.

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    देश के प्रधानमंत्री द्वारा जनता कर्फ्यू की अपील का आज रविवार के दिन जनता द्वारा पूर्ण सहयोग दिखाई दिया। पूरे देश में वास्तविक कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दिए। वास्तव में यह प्रधानमंत्री की अपील और जनता के सहयोग का असर है। लेकिन सोशल मीडिया पर जो कुछ तस्वीरें और वीडियो दिखाई दे रहे हैं उसमें कहीं कहीं पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क पर निकले चंद लोगों पर डंडा लाठी चलाना अच्छा नहीं लग रहा है। वहीं पुलिस प्रशासन का दूसरा रूप भी दिखाई दे रहा है जहां बस अड्डों पर फंसे यात्रियों को वह खाना पानी वितरित कर रहे हैं। सराहनीय कार्य है यह।
    जनता में कोरोनावायरस के भय के साथ साथ अब रोज़ी रोटी का भी डर सता रहा है। क्योंकि जब आमदनी नहीं होगी तो इंसान खायेगा क्या। हर व्यक्ति अडानी और अंबानी तो है नहीं और ना ही हर व्यक्ति के पास सेविंग है। अधिकतर लोग कुआं खोदकर पानी पीते हैं। सरकार को इसपर भी ध्यान देना चाहिए। प्राइवेट संस्थानों में कार्य करने वाले लोग परेशान हैं। जब संस्थान या दुकान नहीं खुलेगी तो आमदनी या तनख्वाह कहां मिलेगी।
    बहरहाल जनता ने साबित कर दिया कि देश सर्वोपरि है जो होना भी चाहिए।
    कोरोनावायरस ने अपना पराया, हिंदू मुस्लिम का भेद खत्म करके देशों की सीमाओं को एक कर दिया। आतंकवादियों को भी चेतावनी दे दी कि सिर्फ तुम मार ही नहीं सकते बल्कि मर भी सकते हो। अमीर-गरीब का अंतर खत्म कर दिया सब घर में रहो। अब ना कोई गले मिल रहा ना हाथ मिला रहा मर्यादा याद दिला दी। मंदिर, मस्जिद ,मुल्ला ,पंडित सब को किनारे कर के अस्पताल और डाक्टर की महत्ता सिद्ध कर दी। रक्षा बजट की जगह चिकित्सा बजट याद आ गया। मीजाइल और हथियारों की जगह मास्क और सैनेटाइज़र की खरीद फरोख़्त शुरू हो गई। इंसानियत की बात होने लगी।
    आज सिर्फ मनुष्य जीवन की रक्षा में लग गया है। ना जातिवाद ना धर्म ना कुछ, भेदभाव को मिटा दिया।
    ईश्वर ने बता दिया तुम कुछ भी कोशिश करो होगा वही जो मैं चाहूंगा। मनुष्य मिट्टी का पुतला मात्र है। गुरूर, घमंड, सत्ता और दौलत सब बेकार यदि दिल में ईश्वर नहीं।यही मनुष्य के जीवन की हक़ीक़त है बाकी सब खत्म हो जाएगा।
    सिर्फ एक वायरस ने पूरी दुनिया को जमीन पर ला दिया और संदेश दिया कि मिलकर रहो। मनुष्य होकर मनुष्य पर ज़ुल्म ना करो।
    इंसान की सोच से बड़ी ईश्वर की शक्ति है।
    होशियार रहिये, दिल और दिमाग़ खुला रखिये,स्वच्छ रहिये,आपस मे भाईचारा बनाये रखिये, जिम्मेदार नागरिक बनिये। सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है इसलिए सिर्फ इंसान बनिए।
    जयहिंद।

    सैय्यद एम अली तक़वी
    syedtaqvi12@gmail.com

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