छह माह के बाद ऊपरी आहार, बच्चे का आधार : डॉ सलमान

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28 अप्रैल, लखनऊ।
कोविड-19 के कारण सामान्य जनजीवन पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है। इस दौरान हमें अपने बच्चों का पोषण सुनिश्चत करना है। यह कहना है राज्य स्तरीय चिकित्सक एवं रानी अवन्तीबाई जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन) के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान का।
डॉ. सलमान बताते हैं, बच्चों को 2 साल की उम्र तक स्तनपान कराते रहना चाहिए। (उसके बाद जब तक मां व बच्चा चाहे दूध पिलाना जारी रखे) स्तनपान के जरिये बच्चों को पोषण के साथ-साथ बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
जब बच्चा 6 माह का पूरा हो जाए उसके बाद मां के दूध से शरीर की जरूरत पूरी नहीं हो पाती है इसलिए ऊपरी आहार की जरूरत होती है। बच्चे की पोषण की जरूरत पूरी हो सके इसके लिए जरूरी है कि बच्चे को एक पूरे दिन में कम से कम 3 से 5 बार भोजन खिलाया जाए। एक पूरे दिन में कम से कम चार खाद्य समूहों से भोजन खिलाएं, जिसमें अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, मांस मछली, अंडा, दूध व दूध से बनी चीजें आती हैं। डॉ. सलमान का कहना है घर पर जो भी खाना सदस्यों के लिए बनता है वही खाना बच्चों को भी खिलाना चाहिए | छोटे बच्चों का भोजन इतना गाढ़ा होना चाहिए कि वह चम्मच से चिपक जाये, ज्यादा पतला भोजन खिलाने से बच्चों का पेट तो भर जायेगा पर उनके जरूरत के हिसाब से पोषक तत्व नहीं मिल पायेंगे। भोजन के अलावा बच्चे को अच्छी मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, मां का दूध, दूध, फलों का रस आदि देते रहे।
डॉ. सलमान का कहना है इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बच्चे को डिब्बा बंद या पैकेट्स का खाना न दें। उसे घर का ताजा व अच्छे से पका हुआ भोजन ही दें।
इसके साथ ही कोविड-19 की परिस्थिति में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें –
• खाना बनाने, खाने और खिलाने से पहले साफ़ पानी व साबुन से 20 सेकेण्ड तक अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं |
• खाना बनाने की जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह से साफ़ करें।
• बच्चे को खाना खिलाने से पहले बच्चे के हाथ भी साबुन और पानी से अच्छे से साफ़ करें।
• बच्चे को अलग और साफ़ बर्तन में खाना खिलाएं।
• बीमारी की अवस्था में बच्चे को थोड़ी देर अपर भोजन और तरल पदार्थ जैसे दूध, पानी, फलों का रस आदि देते रहें।
यह बात विशेष ध्यान देने योग्य है- माँ या 2 वर्ष के बच्चे के कोविड-19 या अन्य किसी संक्रमण से संक्रमित होने के बाद भी सावधानी बरतते हुए उसे स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए।

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