अल्लाह किसी कौ़म की स्थिति को तब तक नहीं बदलता जब तक उसके लोग खु़द में तब्दीली ना लाएं रुबीना मुर्तजा

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आज, दिनांक 23 अप्रैल, 2024 को तंजीम अली कांग्रेस की एक बैठक का आयोजन हुआ जिसमें वर्तमान परिस्थितियों पर विचार किया गया । तंजीम की अध्यक्षा सुश्री रुबीना मुर्तजा़ ने कहा: ” परिस्थितियों पर चर्चा करते समय, ख़ासकर जब हम परिस्थितियों में कुछ बदलाव या बेहतरी की चर्चा करते हैं तो हमारे सामने कुराने करीम की यह बात रहनी चाहिए जिसकी शिक्षा सूरह राद की 11वीं आयात में दी गई है कि, “अल्लाह किसी कौ़म की स्थिति को तब तक नहीं बदलता जब तक उसके लोग खु़द में तब्दीली ना लाएं “। यह स्पष्ट है कि परिस्थितियों में बदलाव करने में अल्लाह की सहायता केवल तभी होगी जब लोग खु़द में बदलाव लायें!
उन्होंने कहा कि मनुष्यों द्वारा जीवन के हर क्षेत्र में बेहतरी के कोशिशें व प्रयास निरंतर किए जाते हैं। इसी तरह देश के राजनीतिक परिस्थितियों को बदलने के लिए हर पांच साल में चुनाव कराए पर लिया जाता है और लोगों के पास अपनी पसंद के उम्मीदवार को अपना वोट देने का अधिकार होता है। लेकिन राजनीतिक शक्ति उसी उम्मीदवार के पक्ष में होती है जो सबसे ज्यादा वोटों को हासिल करता है। हमें यह समझना होगा कि यदि मतदान जनता का अधिकार है तो जो सबसे बेहतर हो उस उम्मीदवार को अपना वोट देकर सत्ता में लाना जनता का कर्तव्य है। अत: यह बात अत्यंत आवश्यक है है कि देश, देश का लोकतंत्र, देश की शांति, भाईचारे और देश की बेहतरी और देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मतदान का उपयोग करें। यह सत्य है कोई भी देश कभी समृद्धि के रास्ते पर नहीं जा सकता है यदि उस देश के लोग धर्म, जाति के आधार पर एक-दूसरे से नफरत करते हों और एक दूसरे के मानवाधिकारों की परवाह नहीं करते हों।
अत: राजनीतिक समझदारी यही मांग करती है कि न तो सच्चाई को अनदेखी करें, ना ही सत्ता पक्ष की चरण वंदना मात्र से अपने आपको सुरक्षित समझ लिया जाए, ना ही किसी धर्मगुरु के बहकावे में आकर अपना वोट को किसी के हवाले कर दिया जाए, और नहीं जज्बात में आकर किसी ऐसे को वोट किया जाए जिसके वोट करने का कुछ हासिल ही ना हो।
यह सत्य है कि अच्छे उम्मीदवार को मतदान किया जाना चाहिए लेकिन किसी भी उम्मीदवार का व्यक्तिगत रूप से अच्छा होने का कोई मतलब नहीं है अगर वह किसी ऐसी पार्टी की ओर से एक उम्मीदवार है जिसकी विचारधारा ही पूर्वाग्रह और नफरत है क्योंकि ऐसे में कोई भी उम्मीदवार अपनी पार्टी की ऑडियोलॉजी के खिलाफ कार्य नहीं करेगा। इसलिए प्रत्येक मतदाता को अपना अत्यंत आवश्यक है के कि हम किसको वोट दें या किसको वोट ना दें? किसे वोट नहीं देना है यह बात भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिकतर ऐसे उम्मीदवार भी उतारे जाते हैं जिनका मक़सद वोटों को बांटना होता है। इसी कारण अली कांग्रेस संस्था देश व देश के सभी भाइयों से अपील करती है कि आप किसी के बहकावे में न आयें, अपने आप स्वयं इस बारे में सोचें और जो उम्मीदवार आपको सबसे बेहतर लगे उसे वोट दें। बैठक में जनाब हसीन अब्बास एडवोकेट, जनाब जाफर रजा एडवोकेट, जनाब हुसैन रिजवी एडवोकेट, बहार अख्तर, इमरान अहमद एडवोकेट रेहान अंसारी एडवोकेट, अहमद मदनी आदि शामिल रहे।

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